तेरे साथ हम चलें,
जीवन तब हमें मिले
तेरे पथ पर हम बढ़ें,
मंज़िल तब हमें मिले।
ज़िन्दगी में थी वीरानियाँ,
और जीवन सूना सूना था
हसीन थी जहाँ की रौशनी
मगर मन में अन्धकार था
कैसे भूलें वह घड़ी
हम को तुम मिले मसीह (2)
ज़िन्दगी में रंग भर दिया। तेरे
ज़िन्दगी की राहों में मसीह
हमको तुम बढ़ाते चलो (2)
आयेगा तूफान भी राहों में
तुम रौशनी दिखाते चलो
बढ़ चलेंगे काफिले
पा ही लेंगे मंजिलें (2)
हमसफर हमारा हो गया। तेरे साथ